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साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को, जानें समय, प्रभाव और जरूरी नियम

gmedianews24.com/नई दिल्ली। सनातन धर्म में सूर्य ग्रहण का विशेष महत्व माना जाता है और इस अवधि को आमतौर पर शुभ नहीं माना जाता। ग्रहण शुरू होने से करीब 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है, जिसके दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-अर्चना नहीं की जाती।

इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगा था, लेकिन वह भारत में दिखाई नहीं दिया था। अब लोगों के मन में सवाल है कि साल का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा और इसका प्रभाव क्या रहेगा।

सूर्य ग्रहण 2026: तारीख और समय

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा। इस दिन हरियाली अमावस्या भी है।
ग्रहण की शुरुआत रात 9 बजकर 04 मिनट पर होगी और इसका समापन 13 अगस्त सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर होगा।
यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य रहेगा।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

  • सूतक काल में शादी, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे नए कार्य शुरू न करें।

  • ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ या देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श न करें।

  • मन ही मन गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र या सूर्य मंत्र का जप करें।

  • ग्रहण समाप्त होने के बाद गंगाजल मिलाकर स्नान करें और घर-मंदिर की सफाई करें।

  • दीपक जलाकर पूजा करें और जरूरतमंदों को अन्न या धन का दान दें।

  • सूतक काल से पहले भोजन में तुलसी के पत्ते डालकर रखें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के नियमों का पालन करने से नकारात्मक प्रभावों से बचाव होता है और शुभता बनी रहती है।

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