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बच्चों की पढ़ाई में मन नहीं लगता? कुंडली में कमजोर हो सकता है बुध ग्रह, जानें लक्षण और आसान उपाय

gmedianews24.com//नई दिल्ली। नई दिल्ली ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्कशक्ति, वाणी और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। यदि किसी बच्चे की कुंडली में बुध कमजोर या पीड़ित हो, तो इसका असर उसकी पढ़ाई, व्यवहार और आत्मविश्वास पर साफ दिखाई देता है। विशेषज्ञों के अनुसार समय रहते इसके संकेत पहचानकर उपाय किए जाएं तो सकारात्मक सुधार संभव है।

 बच्चों में बुध दोष के प्रमुख लक्षण

जब बच्चे की कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति कमजोर होती है, तो कुछ खास संकेत दिखाई देते हैं:

 पढ़ाई में एकाग्रता की कमी, बार-बार ध्यान भटकना
 बात स्पष्ट रूप से न कह पाना, झिझक महसूस करना
 हकलाना या तुतलाना
 सुस्ती और निर्णय लेने में परेशानी
 छोटी-छोटी बातों में घबराहट और कम आत्मविश्वास

ज्योतिष के अनुसार बुध का सीधा संबंध तर्कशक्ति और संवाद से होता है, इसलिए इसकी कमजोरी मानसिक और व्यवहारिक स्तर पर प्रभाव डालती है।

 बुधवार को करें ये खास उपाय

बुध दोष को शांत करने के लिए बुधवार का दिन विशेष शुभ माना जाता है। इन आसान उपायों को अपनाया जा सकता है:

गणेश पूजा करें — बच्चे से बुधवार को गणेश जी को दूर्वा (हरी घास) अर्पित करवाएं।
हरे रंग का प्रयोग बढ़ाएं — कपड़ों या आसपास के वातावरण में हरे रंग का उपयोग शुभ माना जाता है।
हरी मूंग का दान करें — बुधवार को हरी मूंग दान करना लाभकारी माना जाता है।
गाय को हरा चारा खिलाएं — धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।
बीज मंत्र का जाप — बड़े बच्चे “ॐ बुं बुधाय नमः” मंत्र का जाप कर सकते हैं।

 व्यवहारिक सुधार भी हैं जरूरी

ज्योतिषीय उपायों के साथ-साथ व्यवहारिक प्रयास भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।

 बच्चे को संगीत, पेंटिंग या अन्य रचनात्मक गतिविधियों में शामिल करें
सकारात्मक संवाद और प्रोत्साहन दें
 नियमित अध्ययन की आदत विकसित करें

ज्योतिष मानता है कि बुध कला, अभिव्यक्ति और कौशल का भी स्वामी है, इसलिए रचनात्मक गतिविधियां ग्रह को मजबूत करने में सहायक मानी जाती हैं।

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