
gmedianews24.com/नई दिल्ली। भारतीय परंपरा में भोजन को परब्रह्म का साक्षात रूप माना गया है। मान्यता है कि हम जो भोजन करते हैं, उसका प्रभाव न केवल हमारे शरीर बल्कि हमारे विचारों और घर के वातावरण पर भी पड़ता है। यही कारण है कि प्राचीन समय से भोजन से जुड़े कई नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन सुख-शांति और समृद्धि के लिए आवश्यक माना जाता है।
लेकिन आज के आधुनिक जीवन में अनजाने में की जाने वाली कुछ आदतें घर में आर्थिक परेशानियों और पति-पत्नी के बीच तनाव का कारण बन सकती हैं।
एक ही थाली में भोजन करना क्यों माना जाता है अशुभ
कई पति-पत्नी प्रेम के प्रतीक के रूप में एक ही थाली में भोजन करते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र इसे उचित नहीं मानता। मान्यता है कि परिवार का मुखिया केवल अपने जीवनसाथी ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के प्रति जिम्मेदार होता है।
एक ही थाली में भोजन करने से परिवार के अन्य सदस्यों के प्रति उपेक्षा की भावना पैदा हो सकती है। इससे घर में भेदभाव, ईर्ष्या और मानसिक अशांति बढ़ने लगती है। धीरे-धीरे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है और घर में विवाद होने की संभावना भी बढ़ जाती है।
बिस्तर पर बैठकर खाना खाना भी गलत आदत
आजकल कई लोग टीवी देखते हुए या आराम के लिए बिस्तर पर बैठकर भोजन करते हैं। वास्तु शास्त्र इसे भी अनुचित मानता है। भोजन को प्रसाद के समान सम्मान देने की परंपरा रही है, इसलिए अनुशासन और श्रद्धा के साथ भोजन करना शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि बिस्तर पर बैठकर खाना खाने से घर में नकारात्मकता बढ़ती है और आर्थिक अस्थिरता की स्थिति बन सकती है।
शांति और समृद्धि के लिए क्या करें
घर में सकारात्मक ऊर्जा और पारिवारिक सौहार्द बनाए रखने के लिए भोजन से जुड़े कुछ सरल नियम अपनाने की सलाह दी जाती है—
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हमेशा व्यवस्थित तरीके से बैठकर भोजन करें।
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भोजन करने से पहले कृतज्ञता व्यक्त करें।
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परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर भोजन करें, लेकिन अपनी-अपनी थाली का उपयोग करें।
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भोजन करते समय अनुशासन और सम्मान बनाए रखें।







