
gmedianews24.com/घर में पौधे लगाना न सिर्फ पर्यावरण के लिए अच्छा माना जाता है, बल्कि वास्तु और आध्यात्मिक दृष्टि से भी कई पौधों का विशेष महत्व होता है। तुलसी और बिल्व पत्र की तरह पारिजात का पौधा भी बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है। इसे स्वर्ग का पौधा और दिव्य वृक्ष भी कहा जाता है।
प्रसिद्ध ज्योतिषी डॉ. बसवराज गुरुजी ने पारिजात के पौधे के महत्व, इतिहास और इसे घर में लगाने के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।
पारिजात का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
गुरुजी के अनुसार पारिजात एक पवित्र पौधा है, जिसके फूल भगवान को अर्पित किए जाते हैं और यह मन में सकारात्मकता बढ़ाता है। घर के आसपास पारिजात का पौधा लगाने से वातावरण शुद्ध और शांत रहता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार इसे उत्तर-उत्तरपूर्व दिशा में या संभव हो तो दक्षिण-दक्षिणपश्चिम दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे वास्तु दोष दूर होते हैं और नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर या काले जादू का प्रभाव कम होता है।
समुद्र मंथन से जुड़ा है इतिहास
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पारिजात का पौधा समुद्र मंथन के दौरान निकले चौदह रत्नों में से एक है। इसे महालक्ष्मी का भाई भी कहा जाता है। मान्यता है कि जहां पारिजात का पौधा होता है, वहां लक्ष्मी, सरस्वती और काली माता का आशीर्वाद बना रहता है।
रात में इसके फूलों की सुगंध मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।
धूप जरूरी, गिरे हुए फूल भी पवित्र
पारिजात के पौधे के अच्छे विकास के लिए पर्याप्त धूप जरूरी होती है। एक खास बात यह भी है कि इसके फूल पेड़ से गिरने के बाद भी पूजा में उपयोग किए जा सकते हैं, जो इसे अन्य पौधों से अलग बनाता है।
पुराणों के अनुसार यह पौधा इंद्र के नंदनवन में था और भगवान कृष्ण इसे पृथ्वी पर लेकर आए थे।
घर में कहां लगाएं?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यदि इस पौधे की पूजा श्रद्धा और भक्ति से की जाए तो मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आयुर्वेद में भी पारिजात के औषधीय गुणों का उल्लेख मिलता है।
गुरुजी के मुताबिक घर के आंगन, बगीचे या खेत में कम से कम एक पारिजात का पौधा लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।







