
gmedianews24.com/उधमपुर। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के पहाड़ी और घने जंगलों वाले इलाके में मंगलवार को एक बार फिर सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। सूत्रों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के दो से तीन आतंकी सुरक्षाबलों के घेरे में फंसे हुए हैं। मुठभेड़ में एक आतंकी के मारे जाने की सूचना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।
रामनगर–बसंतगढ़ के बीच शुरू हुआ ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक, रामनगर और बसंतगढ़ के बीच स्थित ऊपरी व दुर्गम क्षेत्र चिगला बलोता में आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान शाम करीब चार बजे जगरेडा क्षेत्र के घने जंगल में छिपे आतंकियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए मुठभेड़ शुरू कर दी।
पूरे इलाके में हाई अलर्ट
मुठभेड़ शुरू होते ही पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षाबलों को मौके पर बुलाया गया। देर रात तक दोनों ओर से रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रहने की खबर है। पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
‘ऑपरेशन केया’ के तहत कार्रवाई
सेना की व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर चलाए जा रहे इस संयुक्त अभियान को ‘ऑपरेशन केया’ नाम दिया गया है। इलाके की घेराबंदी कड़ी कर दी गई है और आतंकियों के भागने के सभी संभावित रास्तों पर नाकेबंदी की गई है।
प्रदेश में 100 से अधिक आतंकवाद विरोधी अभियान
गौरतलब है कि आतंकियों की सक्रियता को देखते हुए उधमपुर सहित प्रदेश के पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में पहले से ही लगातार तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। इससे पहले जनवरी में कठुआ जिले में मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी मारा गया था, जबकि किश्तवाड़ के जंगलों में हुए एक ऑपरेशन में सेना का एक जवान बलिदान हो गया था। वर्तमान में पूरे जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ करीब 100 से अधिक ऑपरेशन जारी हैं।






