विजया एकादशी 2026: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

gmedianews24.com/एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष साधना का विधान है। इस दिन मंदिरों में या जरूरतमंदों को अन्न-धन सहित अन्य वस्तुओं का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विजया एकादशी व्रत को विधिपूर्वक करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और घर में अन्न-धन की कभी कमी नहीं रहती।
कब मनाई जाएगी विजया एकादशी 2026?
वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर विजया एकादशी व्रत रखा जाता है। वर्ष 2026 में यह व्रत 13 फरवरी को किया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा कर व्रत कथा का पाठ करने से साधक को पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।
तिथि और पारण का समय
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एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 फरवरी 2026 को दोपहर 12:22 बजे
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एकादशी तिथि समाप्त: 13 फरवरी 2026 को दोपहर 02:25 बजे
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व्रत की तिथि: 13 फरवरी 2026
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पारण का समय: 14 फरवरी 2026 को सुबह 07:00 बजे से 09:14 बजे तक
विजया एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजया एकादशी व्रत करने से जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। यह व्रत शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला माना जाता है और साधक को हर प्रकार की चुनौतियों से मुक्ति मिलती है। भगवान विष्णु इस व्रत से प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
शुभ मुहूर्त
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:18 से 06:09 बजे तक
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अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:13 से 12:58 बजे तक
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:27 से 03:12 बजे तक
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गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:08 से 06:24 बजे तक
विष्णु मंत्र (जप के लिए)
विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करना विशेष फलदायी माना जाता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अनुसार विष्णु मंत्रों का जाप कर सकते हैं, जिससे मानसिक शांति और आध्यात्मिक बल की प्राप्ति होती है।
विजया एकादशी का व्रत आस्था, संयम और भक्ति का प्रतीक है। इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में विजय, सुख और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है।







