
gmedianews24.com/हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को संसार के पालनहार के रूप में पूजा जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि जिन पर भगवान विष्णु की कृपा हो जाती है, उनके जीवन में कभी किसी चीज की कमी नहीं रहती। अक्सर लोग धन के पीछे भागते हैं, लेकिन मान्यता है कि जहां नारायण का वास होता है, वहां माता लक्ष्मी स्वयं चली आती हैं। यदि जीवन में आर्थिक तंगी बनी रहती है या कमाई में बरकत नहीं हो रही, तो इसे विष्णु तत्व की कमी से जोड़ा जाता है।
मन की शुद्धि से मिलती है विष्णु कृपा
भगवान विष्णु भाव के भूखे हैं। उनकी उपासना बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि आंतरिक पवित्रता से शुरू होती है। शांत मन से ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और एक सुरक्षा कवच बनता है। मान्यता है कि निस्वार्थ भाव से प्रभु का स्मरण करने वाले के घर में कभी अभाव नहीं रहता।
गुरुवार का विशेष महत्व
सप्ताह में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करना और पीले खाद्य पदार्थों (जैसे चने की दाल, बेसन के लड्डू) का भोग लगाना शुभ माना जाता है। विष्णु जी को तुलसी दल अत्यंत प्रिय है। बिना तुलसी के वे भोग स्वीकार नहीं करते। प्रतिदिन तुलसी का पत्ता अर्पित करने से आर्थिक संकट धीरे-धीरे दूर होने लगता है।
दक्षिणावर्ती शंख का चमत्कार
वास्तु और ज्योतिष के अनुसार दक्षिणावर्ती शंख भगवान विष्णु को विशेष प्रिय है। पूजा स्थल पर इसे स्थापित कर नियमित पूजा करने से लक्ष्मी कृपा का संचार होता है। विष्णु आरती के बाद शंख बजाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और धन के नए मार्ग खुलते हैं।
सत्यनारायण कथा और दान
महीने में एक बार, विशेषकर पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण कथा सुनना या पढ़ना पुण्यदायी माना गया है। साथ ही अपनी सामर्थ्य अनुसार पीले फल या अनाज का दान करने से धन में बरकत आती है। शास्त्रों का संदेश स्पष्ट है—धन तभी बढ़ता है, जब उसका कुछ अंश परोपकार में लगे।






