
gmedianews24.com/प्रयागराज — शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में चल रहे माघ मेला को बीच में ही छोड़ने का ऐलान कर दिया है। बुधवार सुबह आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि उनका मन अत्यंत व्यथित है, इसलिए वे बिना संगम स्नान किए ही प्रयागराज से विदा ले रहे हैं।
शंकराचार्य ने कहा, “प्रयागराज हमेशा से आस्था और शांति की धरती रही है। मैं श्रद्धा के भाव से यहां आया था, लेकिन एक ऐसी घटना घटित हुई, जिसकी मैंने कभी कल्पना नहीं की थी। इस घटना ने मेरी आत्मा को झकझोर दिया है।” उन्होंने आगे कहा कि इससे न्याय और मानवता के प्रति उनका विश्वास कमजोर हुआ है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि माघ मेला प्रशासन की ओर से उन्हें एक पत्र और प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें पूरे सम्मान के साथ पालकी द्वारा संगम ले जाकर स्नान कराने की बात कही गई थी। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मन बेहद दुखी है, इसलिए वे यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं कर सके।
उन्होंने कहा, “जब दिल में दुख और गुस्सा हो, तो पवित्र पानी भी शांति नहीं दे पाता।”
उल्लेखनीय है कि माघ मेला 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें अभी दो प्रमुख स्नान पर्व शेष हैं— माघी पूर्णिमा (1 फरवरी) और महाशिवरात्रि (15 फरवरी)। विवाद और मानसिक पीड़ा के चलते शंकराचार्य ने माघ मेला 18 दिन पहले ही छोड़ने का निर्णय ले लिया है।







