
gmedianews24.com/वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की बनावट और दिशा का सीधा असर जीवन, सुख-समृद्धि और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। अक्सर लोग मुख्य द्वार और पूजा कक्ष के वास्तु पर ध्यान देते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि घर की खिड़कियां भी धन और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती हैं। शास्त्रों में खिड़कियों को ऊर्जा के प्रवेश और निकास का माध्यम माना गया है। यदि खिड़कियां सही दिशा और नियमों के अनुसार हों, तो मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की विशेष कृपा बनी रहती है।
उत्तर दिशा में हों ज्यादा खिड़कियां
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में उत्तर दिशा में अधिक खिड़कियां होना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दिशा धन के देवता कुबेर और मां लक्ष्मी से जुड़ी होती है। यदि इस दिशा में पर्याप्त खिड़कियां हों, तो घर में धन, अन्न और समृद्धि की कभी कमी नहीं रहती। इसलिए घर का निर्माण या नवीनीकरण कराते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
खिड़कियों को लेकर रखें ये खास बातें
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घर में खिड़कियां हमेशा सम संख्या में होनी चाहिए, जैसे 2, 4, 6, 8, 10 या 12। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
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खिड़कियां हमेशा अंदर की ओर खुलने वाली होनी चाहिए। बाहर की ओर खुलने वाली खिड़कियां वास्तु के अनुसार शुभ नहीं मानी जातीं।
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दो पल्लों वाली खिड़कियां शुभ होती हैं। एक पल्ले वाली खिड़की बनवाने से बचना चाहिए।
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सुबह या दिन के समय कुछ देर के लिए खिड़कियां खोलना शुभ माना जाता है, इससे ताजी हवा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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शाम के समय खिड़कियां खुली रखने से बचें, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश की संभावना बढ़ सकती है।
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खिड़कियों पर धूल या गंदगी जमा न होने दें। नियमित सफाई से घर का वास्तु संतुलित रहता है।







