
gmedianews24.com/नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को करीब डेढ़ साल के लंबे इंतजार के बाद नया स्थायी राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन आज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इसके साथ ही बीजेपी को नया नेतृत्व मिलने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में भव्य कार्यक्रम की तैयारी की गई है। इस मौके पर बीजेपी शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, प्रदेश इकाइयों के अध्यक्ष और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। नामांकन के लिए कुल 30 सेट तैयार किए गए हैं, जिनमें करीब 600 नेता प्रस्तावक और अनुमोदक के तौर पर शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के भी नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने की संभावना है।
20 जनवरी को लेंगे शपथ, बनेंगे सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष
भाजपा सूत्रों के अनुसार, 20 जनवरी को आयोजित भव्य समारोह में नितिन नबीन राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की शपथ लेंगे। 45 वर्षीय नितिन नबीन बीजेपी के इतिहास में अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। इससे पहले यह रिकॉर्ड अमित शाह के नाम था, जिन्होंने 49 वर्ष की उम्र में पार्टी की कमान संभाली थी।
युवा नेतृत्व और पीढ़ीगत बदलाव का संदेश
नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर बीजेपी ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी में नेतृत्व उम्र, जाति या वंश के आधार पर नहीं, बल्कि संगठनात्मक क्षमता, मेहनत और अनुभव के आधार पर तय होता है। यह फैसला पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव और युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति का प्रतीक माना जा रहा है। महज 45 वर्ष की उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपकर बीजेपी ने भविष्य की राजनीति की दिशा भी स्पष्ट कर दी है।
चौथी पीढ़ी के नेता के रूप में ताजपोशी
बीजेपी की स्थापना के बाद पहली पीढ़ी में अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और कुशाभाऊ ठाकरे जैसे नेताओं ने पार्टी की नींव मजबूत की। दूसरी और तीसरी पीढ़ी के नेताओं ने संगठन का विस्तार कर सत्ता तक पहुंचाया। अब चौथी पीढ़ी के प्रतिनिधि के रूप में नितिन नबीन की ताजपोशी के साथ पार्टी ने औपचारिक रूप से युवा नेतृत्व को कमान सौंप दी है।
क्षेत्रीय संतुलन की रणनीति
नितिन नबीन बिहार से आते हैं और पूर्वी भारत से बीजेपी के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। इससे साफ है कि पार्टी का फोकस केवल हिंदी पट्टी या पश्चिमी भारत तक सीमित नहीं है। बिहार, बंगाल, ओडिशा, असम और उत्तर-पूर्वी राज्यों में संगठन को और मजबूत करने की रणनीति के तहत यह फैसला अहम माना जा रहा है।
2029 का लोकसभा चुनाव नितिन नबीन के नेतृत्व में
हालांकि राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है, जो जनवरी 2029 में पूरा होगा, लेकिन यह लगभग तय माना जा रहा है कि 2029 का लोकसभा चुनाव बीजेपी नितिन नबीन के नेतृत्व में ही लड़ेगी। पार्टी संगठन में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने और युवाओं को आगे लाने की तैयारी भी की जा रही है।
ऐसे होता है भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। पार्टी संविधान के अनुसार, कम से कम पांच राज्यों से आए 20 निर्वाचक मंडल सदस्यों के संयुक्त प्रस्ताव पर किसी योग्य नेता को अध्यक्ष पद के लिए नामित किया जा सकता है। पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर 20 जनवरी को मतदान होगा और उसी दिन नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।







