
gmedianews24.com/नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को अपने 151वें स्थापना दिवस के अवसर पर भविष्य की मौसम सेवाओं को लेकर एक मजबूत और दूरदर्शी रोडमैप पेश किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की कि IMD की पहुंच और प्रभाव बढ़ाने के लिए देशभर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और नए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और पुणे में कुल 200 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन लगाए जाएंगे। प्रत्येक शहर में 50-50 स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिससे मौसम संबंधी डेटा की सटीकता बढ़ेगी और लोगों को समय पर विश्वसनीय जानकारी मिल सकेगी।
हाइपर-लोकल और शहर-विशिष्ट पूर्वानुमान पर जोर
मौसम भवन, लोधी रोड में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार अब डेटा-आधारित, शहर-विशिष्ट और हाइपर-लोकल मौसम पूर्वानुमान को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि बीते कुछ वर्षों में मौसम पूर्वानुमान की सटीकता में 40 से 50 प्रतिशत तक सुधार हुआ है, जबकि चक्रवात ट्रैक की भविष्यवाणी में 35 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इसके साथ ही मासिक और मौसमी पूर्वानुमानों में त्रुटि दर 7.5 प्रतिशत से घटकर 2.5 प्रतिशत रह गई है। डॉ. सिंह ने कहा कि स्वचालित मौसम स्टेशनों का घना नेटवर्क उच्च-रिज़ॉल्यूशन और सूक्ष्म स्थानिक डेटा उपलब्ध कराएगा, जिससे अचानक भारी बारिश, गरज-चमक, अत्यधिक गर्मी और वायुमंडलीय दबाव में तेजी से बदलाव जैसी घटनाओं की अधिक सटीक भविष्यवाणी संभव होगी।
डेटा-आधारित पूर्वानुमान से आपदा जोखिम में कमी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डेटा-आधारित मौसम पूर्वानुमान न केवल आपदा जोखिम कम करने में सहायक है, बल्कि कृषि, विमानन, शहरी नियोजन और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में भी बेहतर और समय पर निर्णय लेने में मदद करता है।
उन्होंने बताया कि ‘मिशन मौसम’ की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उन्नत मौसम विज्ञान और जलवायु सेवाओं के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस मिशन के तहत उच्च-रिज़ॉल्यूशन डेटा और ऑटोमैटिक वेदर स्टेशनों के माध्यम से मौसम की घटनाओं की सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे नीति निर्धारण और आपदा प्रबंधन दोनों को मजबूती मिलेगी।







