
gmedianews24.com/नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के हर कमरे का सही दिशा और नियमों के अनुसार निर्माण बेहद जरूरी होता है। यदि घर का वास्तु संतुलित हो तो जीवन में परेशानियां कम होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है। खासतौर पर गेस्ट रूम ऐसा कमरा होता है, जहां सजावट और आराम पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाता है, लेकिन कई बार छोटी-छोटी वास्तु गलतियों की वजह से घर में तनाव और कलह की स्थिति बन जाती है।
गेस्ट रूम से जुड़े वास्तु नियम
वास्तु शास्त्र के अनुसार गेस्ट रूम की दिशा का विशेष महत्व होता है। इस कमरे को हमेशा
पश्चिमी वायव्य कोण, वायव्य कोण, उत्तरी वायव्य कोण या उत्तरी ईशान कोण में बनवाना शुभ माना जाता है।
वास्तु के मुताबिक गेस्ट रूम को पश्चिमी नैऋत्य कोण, नैऋत्य कोण, दक्षिणी नैऋत्य कोण, दक्षिण दिशा और दक्षिणी आग्नेय कोण में नहीं बनवाना चाहिए। यदि गेस्ट रूम इन अशुभ दिशाओं में होता है तो अतिथि वहां अधिक समय तक ठहर नहीं पाते और बिना कारण जल्दी घर छोड़ देते हैं। इसका असर घर की शांति और सकारात्मक ऊर्जा पर भी पड़ता है।
बेड और फर्नीचर की सही दिशा
गेस्ट रूम में सोने की व्यवस्था भी सही होनी चाहिए। वास्तु के अनुसार इस कमरे में बिस्तर पश्चिम दिशा की ओर रखना शुभ होता है, जिससे सोने वाले व्यक्ति का सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रहे।
कमरे में रखा गया भारी फर्नीचर हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा में होना चाहिए। वहीं टीवी, फ्रिज जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण दक्षिण या पूर्व दिशा में रखना बेहतर माना जाता है।
रंग और अन्य जरूरी सावधानियां
वास्तु के अनुसार गेस्ट रूम की दीवारों का रंग सफेद, पीला या क्रीम होना शुभ होता है, जिससे कमरे में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि बाथरूम का दरवाजा सीधे बिस्तर के सामने न हो, क्योंकि इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।




