
gmedianews24.com/कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा में आयोजित वनवासी कल्याण आश्रम के स्थापना दिवस एवं गौरा पूजा महोत्सव के दौरान भाजपा की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में वरिष्ठ आदिवासी नेता व पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को मंच की दूसरी पंक्ति में बैठाया गया, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई।
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर संजूदेवी राजपूत और जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी पहली पंक्ति में नजर आए, जबकि ननकीराम कंवर को पीछे बैठना पड़ा। बाद में मुख्यमंत्री के PSO ने हस्तक्षेप कर उन्हें आगे की पंक्ति में स्थान दिलाया। स्थानीय नेताओं की चुप्पी ने संगठन के भीतर चल रही कलह की ओर इशारा किया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम से आदिवासी समाज में गलत संदेश गया है और इससे भाजपा के आदिवासी वोट बैंक पर असर पड़ सकता है। गौरा पूजा के मंच से कोरबा भाजपा की अंतर्कलह सार्वजनिक होती नजर आई।




