
gmedianews24.com/श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सोमवार सुबह 10.18 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-C62/EOS-N1 मिशन का सफल प्रक्षेपण किया। इस मिशन के तहत अन्वेषा (EOS-N1) सहित कुल 15 सैटेलाइट्स को पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) के माध्यम से अंतरिक्ष में भेजा गया।
इन सभी सैटेलाइट्स को सूर्य-समकालिक कक्षा (Sun-Synchronous Orbit – SSO) में स्थापित किया जाना है। मुख्य अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट अन्वेषा (EOS-N1) को पृथ्वी से लगभग 600 किलोमीटर की ऊंचाई पर SSO में तैनात किया जाएगा।
रक्षा निगरानी में बड़ी ताकत बनेगा ‘अन्वेषा’
अन्वेषा सैटेलाइट को DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) द्वारा विकसित किया गया है। यह एक अत्याधुनिक खुफिया (स्पाई) सैटेलाइट है, जो उन्नत इमेजिंग क्षमताओं से लैस है। यह सैटेलाइट जंगलों, झाड़ियों या बंकरों में छिपी गतिविधियों की भी सटीक तस्वीरें लेने में सक्षम है। इससे भारत को दुश्मन की गतिविधियों और ठिकानों की निगरानी व मैपिंग में बड़ी रणनीतिक बढ़त मिलेगी।
HRS तकनीक से करेगा सटीक पहचान
अन्वेषा सैटेलाइट हाइपरस्पेक्ट्रल रिमोट सेंसिंग (HRS) तकनीक पर काम करता है। यह तकनीक रोशनी के सैकड़ों सूक्ष्म स्पेक्ट्रम को पहचान सकती है, जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि तस्वीर में मौजूद वस्तु वास्तव में क्या है। यह अलग-अलग मिट्टी, वनस्पति, मानव गतिविधि और अन्य वस्तुओं को उनकी विशेष चमक और रंगों के आधार पर पहचान सकता है।




