
gmedianews24.com/नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में ममता बनर्जी से 72 घंटे के भीतर अपने आरोपों के ठोस सबूत पेश करने की मांग की गई है। सुवेंदु अधिकारी ने साफ किया है कि यदि तय समय में सबूत नहीं दिए गए, तो वे मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।
दरअसल, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सुवेंदु अधिकारी कोयला तस्करी घोटाले में शामिल हैं। ममता का दावा था कि कोयला घोटाले का पैसा सुवेंदु अधिकारी के जरिए अमित शाह तक पहुंचता है। ये बयान उन्होंने 8 जनवरी को कोलकाता स्थित I-PAC कार्यालय में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के विरोध में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए दिए थे।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी के खिलाफ दो एफआईआर भी दर्ज कराई हैं और कोलकाता में मार्च निकालकर केंद्र सरकार व जांच एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसी दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ सबूत के तौर पर पेन ड्राइव मौजूद हैं।
सुवेंदु अधिकारी का पलटवार
सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने ईडी की जांच से ध्यान भटकाने के लिए उनके खिलाफ पूरी तरह निराधार और मानहानिकारक आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी सबूत के सार्वजनिक मंच से ऐसे बयान न केवल उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सार्वजनिक विमर्श की गरिमा को भी ठेस पहुंचाते हैं। इसी कारण उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया है।
हाईकोर्ट में भी हंगामा
इधर, ईडी की तलाशी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस द्वारा दायर याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भी हंगामे की स्थिति बन गई। 9 जनवरी को जस्टिस शुभ्रा घोष की बेंच में सुनवाई होनी थी, लेकिन कोर्ट रूम में भारी भीड़ जमा हो गई। जज द्वारा कोर्ट खाली करने के निर्देश के बाद वकीलों के बीच धक्का-मुक्की और हंगामा शुरू हो गया, जिससे नाराज होकर जज ने सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी।




