
gmedianews24.com/नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के एक बयान ने पार्टी के भीतर ही सियासी संग्राम छेड़ दिया है। दिग्विजय सिंह द्वारा कांग्रेस संगठन में सुधार की बात करते हुए RSS और BJP का उदाहरण देने पर पार्टी के कई नेताओं ने आपत्ति जताई है। अब इस बहस में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी कूद पड़े हैं और उन्होंने नाम लिए बिना दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा है।
रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस के नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हमेशा सही समय पर सही फैसले लिए। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1991 में पीवी नरसिम्हा राव और फिर 2004 व 2009 में डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाना कांग्रेस नेतृत्व का दूरदर्शी कदम था।
दिग्विजय सिंह के बयान से जुड़ी प्रतिक्रिया
दरअसल, दिग्विजय सिंह ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि RSS और BJP में आम कार्यकर्ताओं को भी शीर्ष पदों तक पहुंचने का अवसर मिलता है, जबकि कांग्रेस को अपने संगठनात्मक ढांचे में इस दिशा में सुधार करने की जरूरत है। उनके इस बयान को कांग्रेस के कई नेताओं ने अनुचित बताया और इसे पार्टी लाइन से अलग माना।
रेवंत रेड्डी ने क्या कहा?
रेवंत रेड्डी ने दिग्विजय सिंह का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस ने हमेशा प्रतिभा और क्षमता के आधार पर नेतृत्व को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा,
“अगर हम सोनिया गांधी के नेतृत्व को देखें, तो साफ होता है कि तेलंगाना के एक छोटे से गांव से आने वाले पीवी नरसिम्हा राव को प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला। इसी तरह देश के जाने-माने अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह को भी प्रधानमंत्री बनाया गया। यह दिखाता है कि कांग्रेस में योग्यता को हमेशा महत्व दिया गया है।”




