
gmedianews24.com/लाहौर। पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। शुक्रवार को पंजाब विधानसभा परिसर में खैबर पख्तूनख्वा (KP) के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के साथ सुरक्षाकर्मियों द्वारा धक्का-मुक्की और मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अफरीदी और उनके प्रतिनिधियों के साथ बदसलूकी होते देखी जा सकती है।
वीडियो में दिख रहा है कि मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी अपने प्रतिनिधियों के साथ पंजाब असेंबली में प्रवेश कर रहे थे। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। हालात तब और बिगड़ गए, जब अफरीदी के करीबी सहयोगी फतेह उल्लाह बुर्की बीच में आ गए। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों और अफरीदी के प्रतिनिधियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
प्रतिनिधि के साथ भी मारपीट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों ने अफरीदी के प्रतिनिधि फतेह उल्लाह बुर्की के साथ मारपीट की और उन्हें धक्का देकर विधानसभा से बाहर निकालने की कोशिश की। हालांकि अन्य अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति संभली और बुर्की को छोड़ दिया गया। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि इस घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
अफरीदी का आरोप— लोकतंत्र खतरे में
घटना के बाद मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा,
“कोई भी लोकतांत्रिक सरकार ऐसा व्यवहार नहीं करती। यह सीधे-सीधे मार्शल लॉ जैसा रवैया है। पाकिस्तान में लोकतंत्र खतरे में है।”
पंजाब सरकार पर साधा निशाना
अफरीदी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लाहौर में उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बुरा व्यवहार और उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में एक “नकली सरकार” काम कर रही है, जो केवल एक राजनीतिक दल को डराने और धमकाने में जुटी है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि चक्री और मंडी बहाउद्दीन में उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के रास्ते रोके गए, वाहनों को जबरन रोका गया और कुछ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया गया। अफरीदी के अनुसार, सांसदों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पंजाब में मुस्लिम लीग (नून) की सरकार है, जहां नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज मुख्यमंत्री हैं। वहीं, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) से जुड़े हैं। इस घटना ने पाकिस्तान में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच जारी सियासी खींचतान को और गहरा कर दिया है।







