
gmedianews24.com/नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। कोहकमेटा थाना क्षेत्र अंतर्गत कोड़नार कैंप में तैनात जिला बल के एक जवान ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना बुधवार 25 दिसंबर की सुबह की बताई जा रही है। गोली जवान के सिर के दाहिने हिस्से (कनपटी) में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। अस्पताल ले जाने से पहले ही जवान की मौत हो गई।
मृतक जवान की पहचान कांकेर जिले के निवासी पिंगल जूरी के रूप में हुई है, जो कोड़नार कैंप में आरक्षक के पद पर पदस्थ था। जानकारी के अनुसार, जवान ड्यूटी के दौरान कैंप परिसर में ही था, तभी उसने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनते ही अन्य साथी जवान मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल आरक्षक को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने जवान के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। नारायणपुर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और जवान के साथियों से पूछताछ की जा रही है।
बताया जा रहा है कि कोड़नार कैंप हाल ही में 19 दिसंबर को स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य अबूझमाड़ के अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और विकास कार्यों को गति देना है। नए कैंप की स्थापना के कुछ ही दिनों बाद इस तरह की घटना ने सुरक्षा महकमे को भी सकते में डाल दिया है।
गौरतलब है कि नारायणपुर जिले में इस तरह की यह दूसरी घटना है। करीब 7 दिन पहले भी सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक जवान ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। वह घटना सोनपुर थाना क्षेत्र की थी। मृतक BSF जवान की पहचान सचिन कुमार के रूप में हुई थी, जो उत्तर प्रदेश के सिंगोली थाना क्षेत्र का रहने वाला था। उस मामले में भी आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए थे।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों के मानसिक दबाव और परिस्थितियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।







