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पौष पुत्रदा एकादशी 2025: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पारण समय और व्रत का महत्व

gmedianews24.com/नई दिल्ली। सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना और व्रत का विधान बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है, साथ ही साधक के जीवन से कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

पौष पुत्रदा एकादशी 2025 की तिथि

वैदिक पंचांग के अनुसार, पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 30 दिसंबर को सुबह 07 बजकर 50 मिनट से होगी, जबकि इसका समापन 31 दिसंबर को सुबह 05 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार, पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत 30 दिसंबर 2025 को रखा जाएगा, वहीं व्रत का पारण अगले दिन किया जाएगा।

व्रत पारण की तिथि और समय

एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है। ऐसे में पौष पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण 31 दिसंबर को दोपहर 01 बजकर 29 मिनट से 03 बजकर 33 मिनट तक किया जा सकता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय: सुबह 07:13 बजे

  • सूर्यास्त: शाम 05:34 बजे

  • चंद्रोदय: दोपहर 01:33 बजे

  • चन्द्रास्त: 31 दिसंबर को सुबह 03:43 बजे

शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:24 बजे से 06:19 बजे तक

  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:03 बजे से 12:44 बजे तक

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:07 बजे से 02:49 बजे तक

  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:31 बजे से 05:59 बजे तक

एकादशी पर दान का महत्व

सनातन धर्म में एकादशी के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन पीले फल, अन्न, धन और वस्त्र आदि का दान करने से आर्थिक समृद्धि आती है और जीवन में खुशियों का वास होता है। साथ ही साधक को जीवन में किसी भी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ता।

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