
gmedianews24.com/ऑकलैंड। न्यूजीलैंड में सिख समुदाय द्वारा निकाले जा रहे नगर कीर्तन को लेकर उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब स्थानीय लोगों के एक समूह ने इसका विरोध करते हुए रास्ता रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आगे खड़े होकर हाका प्रदर्शन किया और विरोधी नारे लगाए। घटना शनिवार को साउथ ऑकलैंड के उपनगर मनुरेवा की है।
प्रदर्शन के दौरान लोकल ग्रुप के लोगों ने “दिस इज न्यूजीलैंड, नॉट इंडिया”, “न्यूजीलैंड को न्यूजीलैंड ही रहने दो” और “यह हमारी जमीन है, यही हमारा स्टैंड है” जैसे संदेशों वाले बैनर लहराए। उस समय सिख समुदाय का नगर कीर्तन इलाके का भ्रमण करने के बाद गुरुद्वारे की ओर लौट रहा था।
गुरुद्वारे के पास हुआ विरोध
सिख समुदाय के नेता सन्नी सिंह के अनुसार, नगर कीर्तन गुरुद्वारा नानकसर ठाठ इशर दरबार, मनुरेवा से शुरू हुआ था और क्षेत्र में भ्रमण के बाद वापस गुरुद्वारे लौट रहा था। जैसे ही नगर कीर्तन गुरुद्वारे के करीब पहुंचा, करीब 30 से 35 लोगों का एक लोकल ग्रुप वहां पहुंच गया और आगे खड़े होकर रास्ता रोक लिया।
हाका प्रदर्शन और नारेबाजी
बताया जा रहा है कि विरोध करने वाले लोग ‘अपोस्टल बिशप’ ब्रायन तामाकी से जुड़े थे, जो पेंटेकोस्टल संगठन डेस्टिनी चर्च के प्रमुख हैं। इस समूह ने नारेबाजी के साथ-साथ पारंपरिक हाका प्रदर्शन भी किया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
संयम बरतता रहा सिख समुदाय
अचानक हुए इस विरोध से सिख समुदाय के लोग असमंजस में पड़ गए, क्योंकि नगर कीर्तन शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन था और विरोध का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया। इसके बावजूद सिख समुदाय ने संयम बनाए रखा और किसी भी तरह के टकराव से बचते रहे।
पुलिस ने कराया बीच-बचाव
स्थिति की जानकारी मिलते ही न्यूजीलैंड पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने के निर्देश दिए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शनकारी एक ओर हट गए, जिसके बाद नगर कीर्तन बिना किसी बाधा के गुरुद्वारे में प्रवेश कर गया।







