
gmedianews24.com/नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के समाप्त होने से ठीक 24 घंटे पहले विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन बिल यानी VB-G RAM-G बिल संसद के दोनों सदनों से पारित हो गया। बुधवार 18 दिसंबर को दोपहर में यह बिल लोकसभा से पास हुआ, जबकि देर रात करीब 12.30 बजे मैराथन बहस के बाद राज्यसभा ने भी इस पर मुहर लगा दी।
अब यह बिल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह कानून के रूप में पूरे देश में लागू हो जाएगा।
राज्यसभा में देर रात तक चली बहस
VB-G RAM-G बिल को लेकर राज्यसभा में देर रात तक तीखी बहस देखने को मिली। सत्ता पक्ष ने इसे रोजगार और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया, वहीं विपक्ष ने इसे गरीबों और किसानों के खिलाफ करार दिया।
विपक्ष का कड़ा विरोध
बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस तरह तीन कृषि कानूनों को जनता के दबाव में वापस लेना पड़ा था, उसी तरह भविष्य में सरकार को इस कानून को भी वापस लेना पड़ेगा।
वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने इस बिल के विरोध में संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। टीएमसी सांसदों ने संसद की सीढ़ियों पर कंबल बिछाकर रातभर धरना दिया। उनका आरोप है कि यह बिल महात्मा गांधी के विचारों का अपमान है और किसानों व गरीब वर्ग के हितों के खिलाफ है।
सरकार का पक्ष
सरकार की ओर से कहा गया कि VB-G RAM-G बिल का उद्देश्य देश में रोजगार और आजीविका के अवसरों को सुनिश्चित करना है। यह मिशन विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इससे ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को लाभ मिलेगा।





