
gmedianews24.com/रायपुर। छत्तीसगढ़ में नकली और अवमानक औषधियों के खिलाफ राज्य औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में की गई जांच के दौरान तीन अलग-अलग फार्मा कंपनियों द्वारा सप्लाई की गई दवाएं नकली एवं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली पाई गई हैं। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है।
प्रयोगशाला जांच में जिन दवाओं को अमानक पाया गया है, उनमें मेसर्स जी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, नहान रोड, सोलन (हिमाचल प्रदेश), मेसर्स जी.सी. हेल्थ केयर, सोलन (हिमाचल प्रदेश) तथा मेसर्स लार आक्स फार्मास्युटिकल्स, गोपालकृष्णन, चेन्नई द्वारा निर्मित औषधियां शामिल हैं। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि ये दवाएं निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं करतीं और मरीजों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती थीं।
सूत्रों के अनुसार, इन अमानक दवाओं की आपूर्ति छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य औषधि प्रशासन ने तत्काल पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही यह भी सामने आया है कि नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट, गोगांव के माध्यम से नकली दवाओं की सप्लाई का नेटवर्क सक्रिय था, जिसकी गहन जांच की जा रही है।
औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत प्राप्त सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए औषधि नियंत्रण विभाग ने विशेष निरीक्षण दल का गठन किया। निरीक्षण दल ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर संदिग्ध दवाओं के सैंपल जब्त किए, जिन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद संबंधित फर्मों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राज्य औषधि प्रशासन ने सभी दवा विक्रेताओं, थोक व्यापारियों और चिकित्सा संस्थानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे केवल प्रमाणित और अधिकृत स्रोतों से ही दवाओं की खरीद करें। वहीं, आम जनता से भी अपील की गई है कि यदि किसी दवा को लेकर संदेह हो या कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत नजदीकी औषधि निरीक्षक या स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दें।







