
gmedianews24.com//नई दिल्ली। पिछले 5 दिन से चल रहे इंडिगो एयरलाइन संकट के चलते शनिवार को भी देशभर में 800 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुईं। छठे दिन रविवार को भी यह सिलसिला जारी रहा और इंडिगो की लगभग 50 फ्लाइट्स और रद्द हुईं।
इंडिगो ने दावा किया है कि उसने 95% रूट पर फ्लाइट ऑपरेशन नॉर्मल कर दिया है। कंपनी के अनुसार, 138 में से 135 डेस्टिनेशंस पर अब फ्लाइट ऑपरेट हो रही हैं। एयरलाइन ने कहा कि “हमें लोगों का भरोसा दोबारा जीतने में काफी वक्त लगेगा।”
सरकार ने इंडिगो को दिए कड़े निर्देश
सिविल एविएशन मंत्रालय और DGCA ने एयरलाइन पर सख्त आदेश जारी किए हैं:
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रिफंड प्रक्रिया पूरी करें – कंपनी को रद्द या रुकी हुई फ्लाइट्स के लिए पूरा रिफंड 7 दिसंबर की रात 8 बजे तक पूरा करना होगा।
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बैगेज डिलीवरी – अगले 48 घंटों में पैसेंजर के बैगेज को ट्रेस करके उनके पास पहुंचाना होगा।
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संकट का जवाब – कंपनी के CEO को 24 घंटे के अंदर बताना होगा कि पिछले 5 दिन से जारी संकट के चलते कंपनी पर एक्शन क्यों न लिया जाए। जवाब न मिलने पर DGCA एकतरफा कार्रवाई कर सकती है।
एयरलाइन किराए पर नियंत्रण
सरकार ने अन्य एयरलाइंस के बढ़ते किराए पर भी रोक लगाई है और हवाई किराया सीमा तय की है:
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500 किमी तक – अधिकतम ₹7,500
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500–1000 किमी तक – अधिकतम ₹12,000
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अधिकतम किराया – ₹18,000
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यह किराया सीमा बिज़नेस क्लास के लिए लागू नहीं होगी।
DGCA ने चेतावनी दी है कि एयरलाइन को पैसेंजर की सुविधा और रिफंड प्रक्रिया में किसी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, इंडिगो संकट ने देश में एयर ट्रैवल सिस्टम की मजबूती और एयरलाइन प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।







