
gmedianews24.com/नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें विदेशी नेताओं से मिलने नहीं देती, जबकि यह लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है। राहुल गांधी ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के भारत दौरे के दौरान भी उनसे मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई।
“सरकार नहीं चाहती कि मैं बाहर से आने वाले नेताओं से मिलूं” — राहुल
संसद सत्र में शामिल होने पहुंचे राहुल गांधी ने संसद भवन के बाहर कहा—
“सरकार नहीं चाहती है कि मैं बाहर से आने वाले लोगों से मिलूं। मोदी जी और विदेश मंत्रालय खुद इस नियम का पालन नहीं करते। यह उनकी इनसिक्योरिटी है।”
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय लोकतंत्र में यह परंपरा रही है कि विदेश से आने वाले शीर्ष नेता लीडर ऑफ अपोज़िशन से मिलते हैं।
“वाजपेयी जी, मनमोहन सिंह जी की सरकारों में ऐसा हमेशा होता था। लेकिन आजकल विदेशी मेहमानों को सलाह दी जाती है कि वे लीडर ऑफ अपोज़िशन से न मिलें,” राहुल ने कहा।
पुतिन का भारत दौरा—25 वर्ष के रणनीतिक साझेदारी संबंधों का जश्न
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन 5-6 दिसंबर को भारत के आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। वे लगभग 30 घंटे भारत में रहेंगे। यह दौरा भारत-रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित हो रहा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और कूटनीतिक सहयोग पर महत्वपूर्ण बातचीत होने की संभावना है।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
राहुल गांधी के बयानों के बाद सियासी हलचल बढ़ गई है। विपक्ष इसे सरकार की “अलोकतांत्रिक कोशिश” बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि विदेशी नेताओं के कार्यक्रम तय प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं







