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लाल किला कार ब्लास्ट केस: आतंकी उमर नबी की नई CCTV फुटेज से खुला बड़ा राज, 29 अक्टूबर से 10 नवंबर तक की गतिविधियां सामने आईं

gmedianews24.com/नई दिल्ली। लाल किला के पास हुए कार विस्फोट के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है और इस बीच आरोपी आतंकी उमर नबी की कई नई CCTV फुटेज सामने आई हैं। इन फुटेज ने 29 अक्टूबर से लेकर 10 नवंबर तक उमर की गतिविधियों का पूरा टाइमलाइन उजागर कर दिया है। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब इन सभी फुटेज का विश्लेषण कर रही हैं ताकि विस्फोट की साजिश की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

1. 29 अक्टूबर: उमर की i20 कार अल फलाह यूनिवर्सिटी में दाखिल

जांच में सामने आई पहली फुटेज में 29 अक्टूबर को आतंकी उमर नबी अपनी i20 कार को अल फलाह यूनिवर्सिटी में प्रवेश करते हुए दिखाई देता है। यह वही कार है जिसमें बाद में विस्फोटक सामग्री पाए जाने के सुराग मिले।

2. 29 अक्टूबर शाम: कॉमन पार्किंग में कार खड़ी की

शाम 6:36 बजे की फुटेज में उमर अपनी कार को यूनिवर्सिटी के कॉमन पार्किंग एरिया में पार्क करता नजर आता है। यह कार वही है जो बाद में घटना से पहले संदिग्ध गतिविधियों में शामिल दिखाई दी।

3. 29 अक्टूबर रात: कार को होस्टल एरिया में शिफ्ट किया

ठीक दो घंटे बाद रात 8:18 बजे उमर ने कार को होस्टल एरिया में ले जाकर पार्क किया। उसके बार-बार लोकेशन बदलने को पुलिस संदिग्ध मान रही है।

4. 30 अक्टूबर सुबह: फिर से कॉमन पार्किंग में कार खड़ी

अगली सुबह 30 अक्टूबर को 7:31 बजे उमर फिर अपनी कार को कॉमन पार्किंग एरिया में पार्क करता है। यह लगातार मूवमेंट संकेत देता है कि वह किसी योजना को अंजाम देने की तैयारी में था।

5. 30 अक्टूबर दोपहर: मैकेनिक और कंपाउंडर से की मुलाकात

जांच में एक और CCTV सामने आया है जिसमें 30 अक्टूबर को दोपहर 2:38 बजे उमर पार्किंग में एक मैकेनिक और एक कंपाउंडर को बुलाता है। ये दोनों युवक बाइक से पहुंचे थे। सुरक्षा एजेंसियां अब मैकेनिक और कंपाउंडर से भी पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता चल सके कि कार में किस तरह का काम किया गया था।

6. 10 नवंबर की कई फुटेज भी सामने आईं

जांच एजेंसियों को 10 नवंबर—यानी विस्फोट वाले दिन—की कई CCTV फुटेज भी मिली हैं, जिनमें उमर की संदिग्ध मूवमेंट दिख रही है। यही फुटेज बताती हैं कि वह घंटे-दर-घंटे कहां जा रहा था और किससे मिला।

7. जांच एजेंसियां टाइमलाइन को जोड़ने में जुटीं

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियां अब सभी फुटेज की मदद से साजिश की टाइमलाइन तैयार कर रही हैं। माना जा रहा है कि उमर 29 अक्टूबर से ही विस्फोट की तैयारी में जुटा हुआ था।

8. आतंकी मॉड्यूल का शक मजबूत

उमर की गतिविधियों और लगातार मूवमेंट से यह आशंका मजबूत हुई है कि वह एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था। एजेंसियां अब इस मॉड्यूल में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के करीब बताई जा रही हैं।

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