
gmedianews24.com/नई दिल्ली। 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार धमाके के मामले में अब कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच में सामने आया है कि यह वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़ा बड़ा आतंकी षड्यंत्र था, जिसकी साजिश में कई डॉक्टर और मौलवी शामिल थे।
पुलिस ने इस मामले में फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद से पूछताछ की, जिसमें उसने कबूल किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर देशभर में आतंकी हमलों की साजिश रच रही थी।
दो साल से विस्फोटक इकट्ठा कर रही थी आतंकी डॉक्टर शाहीन
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शाहीन शाहिद ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले दो सालों से विस्फोटक सामग्री जमा कर रही थी। वह और उसके साथी फरीदाबाद के वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़े थे, जो जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे आतंकी संगठनों से संपर्क में था। यह नेटवर्क अल फलाह यूनिवर्सिटी (फरीदाबाद) से ऑपरेट हो रहा था।
मेवात से मौलवी गिरफ्तार, घर से मिला 2500 किलो विस्फोटक
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मॉड्यूल से जुड़े एक और व्यक्ति इश्तियाक मौलवी को हरियाणा के मेवात से गिरफ्तार किया है। उसे श्रीनगर ले जाया गया है। जांच में सामने आया कि इश्तियाक अल फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस के पास किराए के मकान में रह रहा था।





