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भारत की आत्मा हिंदू संस्कृति है, सत्ता नहीं समाज सेवा ही संघ का लक्ष्य: मोहन भागवत

gmedianews24.com/बेंगलुरु। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि भारत की आत्मा हिंदू संस्कृति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ का उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज की सेवा और संगठन के माध्यम से राष्ट्र की उन्नति करना है।

भागवत बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम ‘100 साल का संघ: नए क्षितिज’ को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित कई सामाजिक हस्तियां और स्वयंसेवक मौजूद थे।

अपने संबोधन में भागवत ने कहा,

“भारत में सभी हिंदू हैं। यहां के मुसलमान और ईसाई भी उन्हीं पूर्वजों के वंशज हैं। शायद वे भूल गए हैं या उन्हें भुला दिया गया है। भारत में कोई अहिंदू नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा कि संघ का मकसद सत्ता या प्रमुखता नहीं है, बल्कि समाज को संगठित कर भारत माता की महिमा बढ़ाना है।

“संघ सत्ता नहीं चाहता। संघ का उद्देश्य है – समाज को एकजुट करना और देश को मजबूत बनाना। पहले लोग इस विचार को नहीं मानते थे, लेकिन अब मानने लगे हैं।”

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