
gmedianews24.com/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर की महिला उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) एस.एस. टेकाम के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी वसूली आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने इस आदेश को मनमाना और नियमों के विरुद्ध बताया है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि बिना उचित कारण बताए और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बगैर वसूली का आदेश जारी करना कानून का उल्लंघन है। कोर्ट ने डीएसपी के वेतन से की गई कटौती पर भी कड़ी आपत्ति जताई और पूरे मामले को “मनमाना व्यवहार” करार दिया।
दरअसल, डीएसपी टेकाम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर उनकी पदस्थापना के दौरान एक वसूली आदेश जारी कर वेतन से राशि काट ली गई, जबकि उन्हें न तो नोटिस दिया गया और न ही अपनी बात रखने का मौका।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पांडेय और वरुण शर्मा ने तर्क दिया कि आदेश पूरी तरह अवैध है और बिना किसी जांच या सुनवाई के जारी किया गया। वसूली आदेश में डीएसपी पर वाहन किराया भुगतान से जुड़ी पुरानी जिम्मेदारी डाल दी गई थी, जिसे उन्होंने गलत बताया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि यह आदेश संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के खिलाफ है। कोर्ट ने कहा कि कोई भी प्रशासनिक अधिकारी कानून से ऊपर नहीं है, और बिना जांच या सुनवाई के किसी भी अधिकारी पर आर्थिक दंड नहीं लगाया जा सकता।






