
gmedianews24.com/नई दिल्ली। ‘वंदे मातरम्’ की रचना को आज 150 वर्ष पूरे हो गए हैं। 7 नवंबर 1875 को बंगाली लेखक बंकिम चंद्र चटर्जी ने यह गीत लिखा था, जो आगे चलकर स्वतंत्रता संग्राम में देशभक्ति का प्रतीक बन गया। लेकिन आज यह गीत एक बार फिर राजनीतिक विवाद के केंद्र में है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पूरा गीत सुनाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने इस कविता के टुकड़े-टुकड़े कर दिए।” भाजपा ने 1937 में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा सुभाष चंद्र बोस को लिखे गए पत्रों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सांप्रदायिक एजेंडे के तहत ‘वंदे मातरम्’ के संक्षिप्त संस्करण को राष्ट्रीय गीत बनाया, जो गीत और देश दोनों का अपमान है।
भाजपा के अनुसार, नेहरू ने अपने पत्रों में लिखा था कि ‘वंदे मातरम्’ की पृष्ठभूमि मुसलमानों को असहज कर सकती है।
वहीं, कांग्रेस ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर पलटवार किया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “यह विडंबना है कि जो लोग खुद को राष्ट्रवाद का ठेकेदार बताते हैं, उन्होंने कभी ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाया।”





