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भारत की मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी सख्त कार्रवाई की दुनिया में सराहना, FATF ने ED के काम को बताया वैश्विक मॉडल

gmedianews24.com/नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ भारत की सख्त और प्रभावशाली कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। वैश्विक निगरानी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि भारत का प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के क्षेत्र में एक प्रभावशाली वैश्विक मॉडल बन गया है।

FATF रिपोर्ट में भारत की कानूनी प्रणाली की तारीफ

FATF ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत की कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम में मजबूत और भरोसेमंद है। भारत ने अपराध से अर्जित संपत्तियों की जब्ती, पुनर्वसूली और पीड़ितों को राहत दिलाने के क्षेत्र में दुनिया के लिए मिसाल कायम की है।

महाराष्ट्र केस का जिक्र – जब्त संपत्तियां लौटाई गईं

रिपोर्ट में महाराष्ट्र के एक मामले का विशेष उल्लेख किया गया है, जिसमें अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्तियों को जब्त कर उन्हें पीड़ितों को लौटा दिया गया। FATF ने इसे वित्तीय अपराधों से निपटने में पारदर्शिता और न्याय का बेहतरीन उदाहरण बताया है।

भारत का मॉडल बना प्रेरणास्रोत

संस्था ने कहा कि भारत का मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी मॉडल अन्य देशों के लिए प्रेरणास्रोत (Inspiration) बन सकता है। FATF ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) और भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (2018) को संपत्ति की वसूली और प्रबंधन का प्रभावी और व्यापक कानूनी ढांचा बताया है।

ED के बड़े मामलों का FATF रिपोर्ट में जिक्र

रिपोर्ट में ED द्वारा जांचे गए कई बड़े मामलों को शामिल किया गया है—

  • रोज वैली पोंजी घोटाला: करीब 17,520 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर पीड़ितों को लौटाई गई।

  • भारत-अमेरिका संयुक्त कार्रवाई: 268 बिटकॉइन (करीब 130 करोड़ रुपए मूल्य) और 10 लाख अमेरिकी डॉलर की संपत्तियां जब्त की गईं।

  • आंध्र प्रदेश पुलिस CID सहयोग: लगभग 6,000 करोड़ रुपए की संपत्तियों की बहाली की गई।

  • PMLA के तहत कार्रवाई: 17.77 अरब रुपए की अचल संपत्तियों को जब्त किया गया।

भारत की तकनीक और पारदर्शिता की भी प्रशंसा

FATF ने रिपोर्ट में भारत के पीड़ित-केंद्रित संपत्ति पुनर्वसूली मॉडल, वित्तीय डेटा विश्लेषण, और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की भी सराहना की है। संस्था ने कहा कि भारत ने मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ लड़ाई में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

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