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पहले चरण में जदयू के सामने 23 सीटों को फिर से जीतने की चुनौती, कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

gmedianews24.com/पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 57 सीटों पर जदयू (जनता दल यूनाइटेड) के प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें से 23 सीटें ऐसी हैं जहां 2020 के चुनाव में जदयू ने जीत दर्ज की थी। इस बार पार्टी का मुख्य लक्ष्य इन सीटों को दोबारा अपने कब्जे में लाना है।

इन सीटों में कई ऐसी परंपरागत सीटें हैं जहां से जदयू का वर्षों से दबदबा रहा है। इनमें सबसे प्रमुख आलमनगर सीट है, जहां से नरेंद्र नारायण यादव लगातार जीत दर्ज करते रहे हैं। इसी तरह बिहारीगंज सीट पर भी पार्टी ने अपने वर्तमान विधायक को फिर से उम्मीदवार बनाया है।

सोनबरसा (सुरक्षित) सीट से रत्नेश सदा एक बार फिर मैदान में हैं। वे लगातार जीतते रहे हैं और मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा महिषी, कुशेश्वरस्थान, बहादुरपुर, सकरा, कुचायकोट, भोरे, वैशाली, कल्याणपुर, वारिसनगर, सरायरंजन, बेलदौर, बरबीघा, अस्थावां, राजगीर, हिलसा, नालंदा और हरनौत जैसी सीटों को फिर से जीतना जदयू का लक्ष्य है।

इनमें से कुछ सीटों पर जदयू ने अपने प्रत्याशी बदले भी हैं, जबकि बेगूसराय के मटिहानी विधानसभा क्षेत्र को भी इस सूची में शामिल किया गया है। मटिहानी से पिछली बार लोजपा के टिकट पर जीते प्रत्याशी बाद में जदयू में शामिल हो गए थे।

इन 23 सीटों में कई मंत्रियों की प्रतिष्ठा भी दांव पर है, जिनमें विजय चौधरी, मदन सहनी और सुनील कुमार की सीटें शामिल हैं। वहीं, बरौली और रघुनाथपुर सीटों पर इस बार जदयू के उम्मीदवार पहली बार मैदान में हैं।

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