
gmedianews24.com/श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में लगभग 150 साल पुरानी ‘दरबार मूव’ की परंपरा एक बार फिर शुरू हो गई है। चार साल पहले बंद की गई इस परंपरा को इस बार मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुनः शुरू करने का फैसला लिया है। शुक्रवार को श्रीनगर के सरकारी दफ्तरों के बंद होते ही कर्मचारियों और सरकारी सामान को जम्मू रवाना करने का सिलसिला शुरू हो गया है।
सरकारी कार्यालय 3 नवंबर से जम्मू में कामकाज शुरू करेंगे और आगामी छह महीनों तक वहीं से प्रशासनिक गतिविधियाँ संचालित होंगी। गर्मी शुरू होते ही ये दफ्तर एक बार फिर श्रीनगर लौट जाएंगे।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सचिवालय और सिविल सचिवालय के सभी विभागों सहित कुल 39 कार्यालय पूरी तरह जम्मू भेजे जा रहे हैं, जबकि 47 विभाग कैंप के रूप में भेजे जाएंगे। कैंप के तौर पर जाने वाले विभाग अपने कुल कर्मचारियों के 33% या अधिकतम 10 अधिकारियों (जो भी कम हों) के साथ काम करेंगे।
यह परंपरा 2021 में तत्कालीन उपराज्यपाल प्रशासन द्वारा रोक दी गई थी, लेकिन अब उमर अब्दुल्ला सरकार ने इसे फिर से बहाल कर दिया है। इससे करीब 6 लाख कश्मीरी नागरिकों का जम्मू की ओर पलायन होगा, जिससे सर्दियों में जम्मू की अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलेगा।
‘दरबार मूव’ की शुरुआत डोगरा शासक महाराजा रणबीर सिंह ने की थी, ताकि सर्दियों में जम्मू और गर्मियों में श्रीनगर से प्रशासनिक कार्य संचालित किए जा सकें। यह परंपरा जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक एकता और प्रशासनिक परंपरा का प्रतीक मानी जाती है।





