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कोरबा में सरकारी जमीन कब्जा मुक्त: प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, अब सामने आया पुश्तैनी जमीन का दावा

gmedianews24.com/कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मानिकपुर डिपरापारा क्षेत्र की शासकीय भूमि को कब्जा मुक्त कराया है। यह जमीन लंबे समय से कुछ दलालों के कब्जे में थी, जो अवैध रूप से प्लॉट काटकर बेच रहे थे। प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बाद अब इस भूमि को सरकारी अभिलेखों में पुनः दर्ज किया गया है।

इस कार्रवाई में कांग्रेस के पूर्व पार्षद सीताराम चौहान, लक्ष्मण लहरे, राजू सिमोन और सोनू जैन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर वहां प्लॉट बनाकर लोगों को बेच दिया।

एसडीएम सरोज महिलांगे ने बताया कि शासकीय भूमि पर कब्जे की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शिकायतों की जांच के बाद अवैध कब्जे को हटाया गया और जमीन को सरकारी नियंत्रण में लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब इस भूमि का जनहित में उपयोग किया जाएगा।

हालांकि, इस पूरे मामले में अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कोरबा पुरानी बस्ती निवासी शत्रुघ्न सिंह राजपूत ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए दावा किया है कि जिस भूमि को शासकीय बताया जा रहा है, वह दरअसल उनके पूर्वजों की पुश्तैनी संपत्ति है। उनका आरोप है कि कुछ जमीन दलालों और भ्रष्ट राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से इस भूमि को गलत तरीके से सरकारी मद में दर्ज कर लिया गया और अब उसी पर कब्जा मुक्त करने की कार्रवाई की गई है।

फिलहाल प्रशासन इस नए दावे की राजस्व अभिलेखों और पुरानी रिकॉर्ड फाइलों की मदद से जांच कर रहा है। मामला गंभीर होने के कारण इसकी तहकीकात उच्च अधिकारियों के निर्देशन में की जा रही है।

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