वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में भूलकर भी न रखें ये मूर्तियां, वरना बढ़ सकती है नकारात्मकता और कलह

gmedianews24.com/नई दिल्ली। घर का मंदिर वास्तु शास्त्र में सबसे पवित्र स्थान माना गया है, लेकिन कई बार लोग अज्ञानवश ऐसी मूर्तियां या प्रतिमाएं रख लेते हैं, जिनसे घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुछ देवी-देवताओं की उग्र रूप वाली मूर्तियां या खंडित प्रतिमाएं घर में रखना अशुभ माना जाता है।
मंदिर में न रखें उग्र रूप वाली मूर्तियां
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर के मंदिर में नटराज, शनिदेव, राहु-केतु, मां काली या काल भैरव जैसे देवताओं के उग्र रूप वाली मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। इन मूर्तियों से घर में तनाव, मानसिक अशांति और नकारात्मकता बढ़ सकती है।
इसके स्थान पर भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण, माता लक्ष्मी, भगवान शिव या गणेश जी के शांत और सौम्य रूप वाली प्रतिमाएं रखना शुभ माना गया है।
साथ ही ध्यान रखें कि मंदिर में एक से अधिक शिवलिंग नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से वास्तु दोष उत्पन्न होता है और शुभ फल नहीं मिलते।
खंडित मूर्तियों से बढ़ती है नकारात्मक ऊर्जा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर या किसी भी स्थान पर टूटी-फूटी (खंडित) मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। ऐसी मूर्तियों से नकारात्मक ऊर्जा फैलती है और घर में कलह, बीमारी या आर्थिक परेशानी आ सकती है।
अगर किसी कारणवश मूर्ति खंडित हो जाए, तो उसे क्षमायाचना करते हुए किसी बहते हुए जल में प्रवाहित करें या फिर पीपल के पेड़ के नीचे रख दें।





