देवउठनी एकादशी 2025: 1 नवंबर को मनाई जाएगी देव प्रबोधिनी एकादशी, जानें शीघ्र विवाह के लिए प्रभावी उपाय

gmedianews24.com/नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी) का पर्व 1 नवंबर 2025, शनिवार को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान श्रीहरि विष्णु के चार माह की योगनिद्रा से जागृत होने का प्रतीक माना जाता है। इसी दिन से सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों की पुनः शुरुआत होती है, जैसे विवाह, गृह प्रवेश और यज्ञ आदि। यह पर्व तुलसी विवाह के रूप में भी व्यापक रूप से मनाया जाता है।
देवउठनी एकादशी का महत्व
हिंदू शास्त्रों में देवउठनी एकादशी का अत्यंत धार्मिक महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन जो व्यक्ति व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करता है, उसके सभी रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं। विशेष रूप से यह तिथि विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन व्रत और पूजा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
शीघ्र विवाह के लिए करें ये सरल उपाय
देवउठनी एकादशी के दिन जो लोग योग्य जीवनसाथी की तलाश में हैं, वे निम्नलिखित उपाय श्रद्धा भाव से कर सकते हैं—
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पूजा-अर्चना: सुबह स्नान कर भगवान विष्णु की पीले पुष्प, तुलसीदल और धूप-दीप से पूजा करें।
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मंत्र जाप: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।
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तुलसी विवाह: भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के समक्ष दीपक जलाकर तुलसी विवाह की रस्म पूर्ण करें।
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तिलक एवं प्रार्थना: एकाक्षी नारियल या हल्दी से भगवान विष्णु को तिलक लगाकर शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें।
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प्रसाद वितरण: सायंकाल खीर या किसी मीठे प्रसाद को बनाकर भक्तों और जरूरतमंदों में बांटें।





