
gmedianews24.com/रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह में कहा कि पंडवानी छत्तीसगढ़ की एक अनमोल सांस्कृतिक विरासत है। उन्होंने बताया कि हमारे पंडवानी कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडवानी कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से न केवल छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवित रखा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया है। उन्होंने कलाकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार हमेशा उनकी कला और परंपराओं के संरक्षण में आगे रहेगी।
समारोह में पंडवानी कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं, जिसमें महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को नाट्य और संगीत के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इस महासम्मेलन में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकार और संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।





