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अफगान सेनाओं का जवाबी हमला: पाकिस्तान के कई बॉर्डर पोस्टों पर गोलाबारी, दावा — 12 से अधिक सैनिक मारे; पाक गृह मंत्री का कड़ा वार्निंग

gmedianews24.com/नई दिल्ली/इस्लामाबाद/काबुल, 12 अक्टूबर। अफगानिस्तानी सुरक्षा बलों और तालिबान समर्थित लड़ाकों ने शनिवार देर रात दुरींद लाइन (Durand Line) के पास पाकिस्तान के कई बॉर्डर पोस्टों पर नौकायाबी (गोलाबारी) और हमले किए। अफगान पक्ष ने यह कार्रवाई उस दावे के बाद की कि पाकिस्तान ने कुछ दिन पहले अफगान क्षेत्र में हवाई हमला किया था — जिसके परिणामस्वरूप यह ‘जवाबी’ कार्रवाई की गई।

तालिबान और अफगान रक्षा मंत्रालय ने कुछ सीमाई इलाकों में पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाने और दो चौकियों पर कब्जा किए जाने का दावा किया है। अफगान मीडिया ने प्रारंभिक रूप से 12 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर भी प्रकाशित की है — हालांकि इस तरह की आकड़ें स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सकीं और दोनों पक्ष अलग-अलग बयान दे रहे हैं।

पाकिस्तानी सेना ने भी बड़ा जवाबी हमला किया और बताया गया कि उसने कई अफगानी चौकियों पर काबू पाया है। पाकिस्तान के प्रसारित सरकारी बयान में कहा गया है कि पाक सेना ने 19 अफगान चौकियों पर नियंत्रण कर लिया है — इस तरह के दावों का स्रोत और विस्तृत पुष्टि अलग-अलग रिपोर्टों में भिन्न है।

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) ने इस घटना की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी कि अफगानिस्तान को “भारत जैसा करारा जवाब” दिया जाएगा ताकि वह पाकिस्तान की ओर ‘बुरी नज़र’ न डाल सके। नकवी ने कहा कि पाकिस्तान चुप नहीं बैठेगा और हर उकसावे का सख्त जवाब दिया जाएगा। इस टिप्पणी से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

ऐसी बढ़ती घटनाओं पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने का आग्रह किया है। कतर और अन्य देशों ने दोनों पक्षों को संघर्ष बढ़ाने से रोकने और कूटनीतिक माध्यमों से विवाद सुलझाने की बात कही है। वहीं सुरक्षा विश्लेषक इस स्थिति को खतरनाक मान रहे हैं क्योंकि बंगाली/डूरंड रेखा पर पुराना सीमा विवाद और चरमपंथियों का मुद्दा लगातार तनाव का कारण बनता रहा है।

अभी स्थिति अस्थिर बनी हुई है — दोनों ओर से मीडिया और आधिकारिक बयानों में बताई जा रही हताहतियों और कब्जे के दावों मे अंतर है। स्वतंत्र रूप से सत्यापन योग्य तटस्थ जानकारी के अभाव में मृतकों और कब्जे की संख्याओं को लेकर ठोस निष्कर्ष पर अभी नहीं पहुंचा जा सकता। स्थानीय स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है और दोनों देशों की सेनाएं सीमाओं पर सतर्क हैं।

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