दिवाली पर क्यों होती है मां लक्ष्मी के साथ गणेश जी की पूजा? जानिए पौराणिक कथा और महत्व

gmedianews24.com/नई दिल्ली। दीपावली का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से धन की देवी मां लक्ष्मी और विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा की जाती है। मान्यता है कि दिवाली पर लक्ष्मी जी घर-घर जाकर अपने भक्तों को धन-धान्य और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा क्यों की जाती है? इसके पीछे एक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है।
👉 क्या है पौराणिक कथा?
महापुराण के अनुसार, एक बार मां लक्ष्मी को अपने महत्व पर अभिमान हो गया था। उन्होंने भगवान विष्णु से कहा कि संसार में हर कोई उनकी कृपा प्राप्ति के लिए आतुर रहता है। इस पर भगवान विष्णु ने कहा कि भले ही सभी लोग आपके लिए व्याकुल रहते हैं, लेकिन संतान न होने के कारण आप स्वयं भी सदा संतान के लिए व्याकुल रहती हैं।
यह सुनकर लक्ष्मी जी दुखी हुईं और मां पार्वती से अपनी पीड़ा साझा की। तब माता पार्वती ने अपने पुत्र गणेश जी को लक्ष्मी जी की गोद में बैठा दिया और उन्हें दत्तक पुत्र मानने का आग्रह किया। तभी से गणेश जी को लक्ष्मी जी का दत्तक पुत्र माना जाने लगा। प्रसन्न होकर लक्ष्मी जी ने आशीर्वाद दिया कि अब से उनकी पूजा हमेशा गणेश जी के साथ की जाएगी।
👉 लक्ष्मी-गणेश पूजन का एक और कारण
दिवाली पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की पूजा एक साथ करने का कारण यह भी है कि लक्ष्मी जी धन और समृद्धि की देवी हैं, जबकि गणेश जी बुद्धि और विवेक के देवता माने जाते हैं। मान्यता है कि यदि केवल धन प्राप्त हो जाए और विवेक न हो तो व्यक्ति घमंड और अहंकार में डूब सकता है।




