
gmedianews24.com/नई दिल्ली। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी का भारत दौरा दक्षिण एशिया की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। तालिबानी विदेश मंत्री 8 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक भारत यात्रा पर हैं। इस दौरे को लेकर पाकिस्तान में बेचैनी और अमेरिका में चिंता देखी जा रही है।
भारत आने के लिए विशेष छूट
मुत्तकी संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद (UNSC) की प्रतिबंधित आतंकवादियों की सूची में शामिल हैं। इसलिए उन्हें भारत आने के लिए विशेष छूट लेनी पड़ी। भारत यात्रा से पहले उन्होंने रूस की राजधानी मॉस्को में आयोजित मॉस्को फॉर्मेट कंसल्टेशन में हिस्सा लिया, जहां भारत उनके पक्ष में खड़ा दिखा।
भारत की रणनीति: पाकिस्तान को अलग-थलग करना
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत, पाकिस्तान को अलग-थलग करने की रणनीति पर काम कर रहा है। तुर्किये की अंकारा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ओमैर अनस का कहना है कि “मुत्तकी का यह दौरा भारत के लिए काफी अहम है। अफगानिस्तान के साथ रिश्ते बेहतर होने से दक्षिण एशिया में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।”
ट्रम्प की नाराजगी और भारत का रुख
भारत ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस योजना का विरोध किया, जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान से बगराम एयरबेस वापस लेने की बात कही थी। इस मुद्दे पर भारत के साथ पाकिस्तान, चीन और रूस भी खड़े रहे। यही कारण है कि ट्रम्प प्रशासन और वॉशिंगटन की नीति निर्माताओं में चिंता बढ़ी है।




