
gmedianews24.com/नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई पर जूता फेंकने वाले वकील राकेश किशोर ने घटना के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सीजेआई के भगवान विष्णु पर दिए गए बयान से वे आहत थे और उसी के विरोध में यह कदम उठाया। उन्होंने साफ कहा – “मैं नशे में नहीं था, यह मेरा रिएक्शन था। जो किया, उसका अफसोस नहीं है और मुझे किसी का डर भी नहीं है।”
राकेश किशोर ने आगे कहा कि वे हिंसा के खिलाफ हैं, लेकिन उनकी भावनाएं आहत हुईं। “मैं एक सीधा-सच्चा आदमी हूं, किसी ग्रुप से नहीं जुड़ा हूं और मेरे खिलाफ कोई केस भी नहीं है। मैंने M.Sc, Ph.D और LLB की पढ़ाई की है, मैं गोल्ड मेडलिस्ट हूं। इसके बावजूद मुझे ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा, यह सोचने वाली बात है।”
बार एसोसिएशन ने दी प्रतिक्रिया
इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि भगवान विष्णु की मूर्ति केस में CJI की टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया। इससे ऐसा लगा कि मानो देवता का अपमान हुआ हो, जबकि असल में ऐसा नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि वकील ने सिर्फ प्रसिद्धि पाने के लिए यह हरकत की।
घटना का विवरण
गौरतलब है कि 8 सितंबर की दोपहर सीजेआई बीआर गवई की बेंच एक मामले की सुनवाई कर रही थी। तभी वकील राकेश किशोर ने उनकी तरफ जूता फेंका, हालांकि जूता बेंच तक नहीं पहुंच सका। कोर्ट रूम में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत आरोपी वकील को पकड़ लिया था।







