
gmedianews24.com/नई दिल्ली। भारतीय सेना की शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) की 13 महिला अफसरों द्वारा लगाए गए आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी। इस दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी केंद्र सरकार का पक्ष रखेंगी।
गौरतलब है कि 18 सितंबर को महिला अफसरों ने जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच के सामने अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा था कि स्थायी कमीशन (Permanent Commission) देने में उनके साथ पुरुष अफसरों की तुलना में भेदभाव किया गया है।
महिला अफसरों ने दलील दी थी कि उन्होंने गलवान संघर्ष, बालाकोट एयरस्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अहम अभियानों में पुरुष अफसरों के बराबर योगदान दिया, बावजूद इसके परमानेंट कमीशन देने में मनमानी की गई।
उनका कहना था कि उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) को पुरुष अफसरों की तरह महत्व नहीं दिया गया। पुरुष अफसरों की ‘क्राइटेरिया अपॉइंटमेंट्स’ को आधिकारिक रिपोर्ट में दर्ज किया गया, लेकिन महिलाओं की नियुक्तियों और योगदान को रिपोर्ट में स्थान नहीं दिया गया।







