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सर्वपितृ अमावस्या 2025: पितरों की विदाई का दिन, जानें इसका धार्मिक महत्व

gmedianews24.com/नई दिल्ली। इस वर्ष सर्वपितृ अमावस्या (Sarva Pitru Amavasya 2025) 21 सितंबर, रविवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन उन सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात न हो या फिर जिनका निधन अमावस्या, पूर्णिमा या चतुर्दशी तिथि को हुआ हो।
इसे पितरों की विदाई का दिन भी कहा जाता है, क्योंकि मान्यता है कि पितृ, पितृलोक की ओर इसी दिन प्रस्थान करते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
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श्राद्ध और तर्पण कर्म श्रद्धा व नियमपूर्वक करें।
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भोजन में सात्विकता रखें और ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन कराएं।
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इस दिन नकारात्मक कार्यों से बचें और पितरों को याद कर आशीर्वाद प्राप्त करें।
पुरोहितों का कहना है कि सर्वपितृ अमावस्या के दिन विधि-विधान से श्राद्ध करने पर पितरों की कृपा मिलती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।





