
gmedianews24.com/रायपुर/बिलासपुर: कुड़मी समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग को लेकर किए जा रहे आंदोलन का असर अब छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली ट्रेनों पर भी दिखने लगा है। झारखंड और ओडिशा में चल रहे इस ‘रेल टेका डहर छेका’ (रेल रोको, सड़क रोको) आंदोलन के कारण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने कई ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया है, जबकि कुछ ट्रेनों को रद्द भी किया गया है।
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आंदोलन का कारण: कुड़मी समाज लंबे समय से खुद को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की मांग कर रहा है। उनका तर्क है कि अंग्रेजों के शासनकाल में उन्हें यह दर्जा प्राप्त था, जिसे बाद में छीन लिया गया। अपनी इस मांग को मनवाने के लिए वे झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में रेलवे ट्रैक और सड़कों को जाम कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ पर असर: चूंकि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का एक बड़ा हिस्सा झारखंड और ओडिशा से होकर गुजरता है, इसलिए इस आंदोलन का सीधा असर छत्तीसगढ़ पर भी पड़ा है। यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया है।
प्रभावित हुई ट्रेनें: इस आंदोलन के चलते, हावड़ा-मुंबई, पुरी-अहमदाबाद, और भुवनेश्वर-कुर्ला जैसी लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों सहित कई मालगाड़ियों का परिचालन प्रभावित हुआ है। रेलवे ने इन ट्रेनों को बदले हुए रूट से चलाने की व्यवस्था की है। इसके साथ ही, कुछ पैसेंजर ट्रेनों को भी रद्द किया गया है।
यात्रियों से अपील: रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें। रेलवे प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही आंदोलन खत्म होता है, ट्रेनों का परिचालन सामान्य कर दिया जाएगा। फिलहाल, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें।





