
.gmedianews24.com/नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर के मंदिर को बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। यह न केवल पूजा-पाठ का केंद्र होता है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का स्रोत भी माना जाता है। हालांकि, कई बार लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनसे देवी-देवताओं की कृपा कम हो सकती है और घर में नकारात्मक असर दिखाई देने लगता है।
मंदिर से जुड़े वास्तु नियम
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घर का मंदिर हमेशा हवादार और रोशनी वाला होना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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मंदिर के लिए लकड़ी या संगमरमर का उपयोग सबसे शुभ माना जाता है।
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मंदिर को हमेशा साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित रखें। यहां गंदगी या टूटे-फूटे फोटो/मूर्ति रखना अशुभ माना जाता है।
वास्तु के अनुसार, मंदिर को सही दिशा और नियमों के साथ बनाने से न केवल घर का वातावरण शांतिपूर्ण रहता है बल्कि परिवार में समृद्धि और सुख-शांति भी बनी रहती है।







