
gmedianews24.com/कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र में अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे परिजनों के बीच अचानक लापता बेटा जिंदा लौट आया। बेटे को सामने देख लोग दहशत में आकर ‘भूत-भूत’ कहकर इधर-उधर भागने लगे। बाद में हकीकत सामने आई कि परिजन किसी और युवक का शव अपना बेटा समझकर घर ले आए थे।
दरअसल, हुआ क्या?
गेवरा बस्ती निवासी हरिओम वैष्णव (27) बीते 5 सितंबर को अपने ससुराल दर्री गया था। पत्नी को मायके में छोड़कर लौटते वक्त वह अचानक लापता हो गया। परिजनों ने काफी खोजबीन की और दर्री थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई।
इसी बीच सोमवार की दोपहर डंगनिया नदी से एक अज्ञात शव मिला। पानी में लंबे समय तक रहने के कारण शव की हालत बिगड़ चुकी थी। बावजूद इसके, परिजनों ने कद-काठी, कपड़े और हाथ पर बने ‘आर’ अक्षर वाले टैटू के आधार पर शव को हरिओम का मान लिया।
मातम से ‘भूत’ तक का सफर
पुलिस ने पंचनामा के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। घर पहुंचते ही मातम का माहौल बन गया। महिलाएं-बच्चे फूट-फूटकर रोने लगे और परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी।
इसी बीच अचानक हरिओम खुद दरवाजा खोलकर घर के अंदर दाखिल हो गया। बेटे को जीवित देख परिजन दंग रह गए और डर के मारे उसे ‘भूत-भूत’ कहकर भागने लगे। बाद में मामला साफ हुआ कि परिजन किसी अन्य युवक का शव घर ले आए थे।





