
gmedianews24.com/इंदौर: सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों को एक सख्त आदेश जारी किया है, जिसके तहत उन्हें अब अपनी सभी खरीदी गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से ही करनी होगी। इस आदेश का पालन करना अनिवार्य है और इसका उल्लंघन करने वाले विभागों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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क्या है यह नया आदेश?
हाल ही में जारी किए गए सर्कुलर में सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 10,000 रुपये से अधिक की किसी भी खरीदी के लिए GeM पोर्टल का उपयोग करना अनिवार्य है। इसके अलावा, जिन वस्तुओं या सेवाओं के लिए पहले से GeM पोर्टल पर रेट कॉन्ट्रैक्ट (RC) उपलब्ध हैं, उनकी खरीदी केवल GeM के माध्यम से ही की जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का यह फैसला कई मायनों में महत्वपूर्ण है:
- पारदर्शिता: GeM पोर्टल पर सभी विक्रेताओं के लिए समान अवसर होते हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आती है। इससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
- समय और लागत में बचत: GeM पोर्टल पर हजारों उत्पादों और सेवाओं की लिस्टिंग होती है, जिससे विभागों को अपनी जरूरत के अनुसार सही प्रोडक्ट आसानी से मिल जाता है। इससे खरीदी प्रक्रिया में लगने वाला समय और पैसा दोनों बचता है।
- दक्षता और जवाबदेही: ऑनलाइन प्रक्रिया होने के कारण सभी लेन-देन का रिकॉर्ड रहता है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
- एमएसएमई को बढ़ावा: GeM पोर्टल पर छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को भी सरकारी खरीदी में हिस्सा लेने का मौका मिलता है, जिससे उन्हें व्यापार बढ़ाने में मदद मिलती है।
राज्य सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उनके अधीन आने वाले सभी कार्यालय इस आदेश का पालन करें। साथ ही, उन्हें हर महीने GeM पोर्टल के माध्यम से हुई खरीदी की एक रिपोर्ट भी सरकार को भेजनी होगी।
यह कदम सरकारी खरीदी प्रक्रिया को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।






