
.gmedianews24.com/पत्नी ने बिना पर्याप्त कारण वैवाहिक जीवन से दूरी बनाई, यह पति के प्रति मानसिक क्रूरता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पारिवारिक विवाद में फैसला सुनाते हुए पति की तलाक मंजूर कर ली है। पत्नी पिछले 10 साल से मायके में रह रही है।
जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिवीजन बेंच ने कहा कि, पत्नी और बेटी पूरी तरह से उस पर आश्रित हैं। इसलिए पति को 6 महीने के भीतर पत्नी को 15 लाख रुपए स्थायी गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है।

जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, कोरबा निवासी SECL अधिकारी की साल 2010 में शादी हुई। पति का आरोप है कि शादी के कुछ दिनों बाद से पत्नी वैवाहिक कर्तव्यों से इनकार करने लगी। साथ ही संयुक्त परिवार से अलग रहने का दबाव बनाने लगी।
इसके बाद वो मायके चली गई और साल 2011 से मायके में रह रही है। पति का आरोप था कि उसने कई बार पत्नी को वापस लाने की कोशिश की। यहां तक की कोर्ट में अर्जी भी लगाई, लेकिन पत्नी तैयार नहीं हुई।






