भाद्रपद का अंतिम प्रदोष व्रत आज, भगवान शिव की पूजा से मिलेगा मनोवांछित फल

gmedianews24.com/नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, शुक्रवार 05 सितंबर को भाद्रपद महीने का अंतिम प्रदोष व्रत है। यह दिन विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु देवों के देव महादेव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत करने से साधक को मनोवांछित फल प्राप्त होता है। सनातन शास्त्रों में उल्लेख है कि भगवान शिव जलाभिषेक से शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। उनकी कृपा से जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है और शारीरिक व मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
पंडितों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा है, तो उसे इस दिन भगवान शिव का अभिषेक करते समय श्री लिङ्गाष्टकम् का पाठ अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और आर्थिक विषमताओं से मुक्ति मिलती है।





