
gmedianews24.com/राजनांदगांव, छत्तीसगढ़: भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत, छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में एक बड़ी कार्रवाई हुई है। यहां जमीन संबंधी काम के लिए रिश्वत की मांग कर रहे पटवारी संघ के अध्यक्ष को एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने ₹10,000 की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस घटना से सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।
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क्या है पूरा मामला?
यह मामला खैरागढ़ के छुईखदान तहसील का है। यहां पटवारी संघ के अध्यक्ष गोपालदास वैष्णव एक किसान से उसकी जमीन का सीमांकन और नामांकन करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। पीड़ित किसान ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से अपने काम के लिए पटवारी के चक्कर लगा रहा था, लेकिन वह काम करने के लिए ₹10,000 की रिश्वत मांग रहा था।
किसान ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एसीबी से शिकायत की। शिकायत के सत्यापन के बाद, एसीबी ने एक जाल बिछाया।
एसीबी की सफल कार्रवाई
सोमवार को, किसान ने तय योजना के पटवारी गोपालदास वैष्णव को उसके घर पर पैसे दिए। जैसे ही पटवारी ने पैसे लिए, वहां पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि पटवारी के हाथ धुलाने पर केमिकल से रंग बदल गया, जिससे यह साबित हो गया कि उसने रिश्वत के पैसे लिए थे।
पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं।
यह कार्रवाई न केवल खैरागढ़, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में एक कड़ा संदेश देगी कि सरकारी काम के लिए रिश्वत लेना अब आसान नहीं होगा।






