ईशान कोण: घर का पवित्र और शुभ स्थान, जानें क्या रखें और क्या न रखें

gmedianews24.com/ वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं को विशेष महत्व दिया गया है। इनमें से ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) सबसे पवित्र और शुभ मानी जाती है। इसे देवताओं का स्थान कहा जाता है और घर का आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यदि यह कोण साफ और संतुलित रहे तो घर में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
ईशान कोण का महत्व
वास्तु शास्त्र के अनुसार यह दिशा ज्ञान, अध्यात्म और समृद्धि की प्रतीक है। यह जल तत्व से जुड़ी हुई है, इसलिए यहां जल से संबंधित वस्तुएं रखना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
इस दिशा में क्या रखना चाहिए
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पूजा घर या ध्यान कक्ष बनाना सबसे उत्तम है।
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जल तत्व से जुड़ी चीजें जैसे छोटा फव्वारा, जल कलश या मटका रखें।
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सुबह की धूप और खिड़कियों से रोशनी आने दें।
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शंख, कलश, श्रीयंत्र या भगवान की तस्वीरें रखने से वास्तु दोष दूर होते हैं।
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दीवारों पर हल्का नीला, सफेद या क्रीम रंग कराना शुभ माना जाता है।
इस दिशा में क्या नहीं रखना चाहिए
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भारी सामान या फर्नीचर जैसे आलमारी या लोहे की अलमारी।
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शौचालय या बाथरूम बनाना अशुभ माना जाता है।
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किचन या आग्नेय तत्व जैसे गैस चूल्हा या हीटर।
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कचरा और गंदगी बिल्कुल न रखें।
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अंधेरा और बंद जगह न बनने दें, वरना आर्थिक हानि और रुकावटें आती हैं।
ईशान कोण से जुड़े विशेष नियम
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घर की नींव का पहला पत्थर इसी दिशा से रखना शुभ होता है।





